शव जैसे ही गांव में पहुंचा, वैसे ही करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया। आसपास के शहरों व गांव के तमाम गो सेवक व हिंदूवादी लोग मौके पर पहुंच गए। मौके पर तहसीलदार अनिल कुमार सिंह भी पहुंच गए। मृतक सुनील ने परिवार में अपनी पत्नी साधना, माता कमलेश, पिता हीरालाल, भाई पुष्पेंद्र, बहिन रानी को रोते बिलखते हुए छोड़ा है। मृतक सुनील सेंट्रल पब्लिक स्कूल में क्लर्क का काम करते थे और साथ ही गो सेवा का कार्य भी करते थे। मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। तहसीलदार अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मृतक सुनील भारद्वाज की पत्नी साधना को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए कार्यवाही की जा रही है।
घायल गोवंश को ले जाने के लिए टोल प्लाजा के कर्मचारियों से संपर्क किया लेकिन मौके पर करीब ढाई घंटे तक कोई वाहन नहीं आया। लिहाजा, गौ सेवकों ने प्राइवेट वाहन से घायल गोवंश को उपचार के लिए मथुरा अस्पताल भेजा। उसके बाद गौ सेवक सुनील भारद्वाज पुत्र हीरालाल निवासी मौ. औझियाना सहपऊ तथा हेमंत निवासी सादाबाद बाइक से वापस आ रहे थे। तभी रात करीब आठ बजे बजे के लगभग पीछे से आगरा की ओर से आ रही प्राइवेट बस ने इनकी बाइक को रौंद दिया। बस बाइक को काफी दूर तक घसीटती हुई ले गई, बाइक बस के अगले पहिए में फंस गई। इससे बाइक सवार दोनों गौ सेवक गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में दोनों को उपचार के लिए आगरा
भेजा गया। आगरा में सुनील की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि हेमंत का उपचार जारी है, उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। दुर्घटना के बाद मौके पर काफी भीड़ लग गई और अन्य गौ सेवक भी पहुंच गए। इस दौरान जब हाईवे का लोडर वाहन वहां पहुंचा तो गुस्साए लोगों ने उस पर पथराव कर
भेजा गया। आगरा में सुनील की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि हेमंत का उपचार जारी है, उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। दुर्घटना के बाद मौके पर काफी भीड़ लग गई और अन्य गौ सेवक भी पहुंच गए। इस दौरान जब हाईवे का लोडर वाहन वहां पहुंचा तो गुस्साए लोगों ने उस पर पथराव कर
दिया। ऐसे में कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित हो गया। पुलिस ने जैसे-तैसे स्थिति संभाली। बुधवार को भी इस मामले को लेकर प्रशासन सतर्क बना रहा। एसडीएम, सीओ व कोतवाल पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचे। मृतक सुनील के शव को प्रशासन की टीम ने उनके गांव तक छोड़ा। मृतक का
शव जैसे ही गांव में पहुंचा, वैसे ही करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया। आसपास के शहरों व गांव के तमाम गो सेवक व हिंदूवादी लोग मौके पर पहुंच गए। मौके पर तहसीलदार अनिल कुमार सिंह भी पहुंच गए। मृतक सुनील ने परिवार में अपनी पत्नी साधना, माता कमलेश, पिता हीरालाल, भाई पुष्पेंद्र, बहिन रानी को रोते बिलखते हुए छोड़ा है। मृतक सुनील सेंट्रल पब्लिक स्कूल में क्लर्क का काम करते थे और साथ ही गो सेवा का कार्य भी करते थे। मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। तहसीलदार अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मृतक सुनील भारद्वाज की पत्नी साधना को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए कार्यवाही की जा रही है।


