हाथरस में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक और अध्यक्ष डॉ प्रवीण भाई तोगड़िया ने मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि राम मंदिर का निर्माण राम जी का काम है और ऐसे कामों में श्रेया लेने वाले दुष्ट होते हैं। डॉक्टर तोगड़िया ने कहा कि वह दुष्ट नहीं है। वह तो अपनी डॉक्टरी छोड़कर
बरसों से राम जी के काम के लिए निकले थे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा के
अयोध्या और काशी में उनकी भूमिका गिलहरी जैसी होगी। उन्होंने कहा कि आज वह हाथरस उन हिंदुओं को धन्यवाद देने के लिए आए हैं जिनके सभा सवा रुपए से अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना और उनके सेवकों को धन्यवाद देने के लिए आए हैं जिनके प्रयासों से अयोध्या में राम मंदिर बना। उन्होंने यह भी कहा कि वह 22 जनवरी को अयोध्या में ही प्राण प्रतिष्ठा के दौरान मौजूद थे और फिर 24 जनवरी को भी उन्होंने काफी कर सेवकों के साथ अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। इससे पहले शहर की गोपाल धाम में अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद और अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. तोगड़िया ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर 8 करोड़ हिंदुओं द्वारा दिए गए सवा सवा रुपए से बन रहा है। यह मंदिर उन लाखों कर सेवकों की वजह से बना है, जिन्होंने अयोध्या पहुंचकर कार सेवा की। उन्होंने कहा कि हिंदुओं के सम्मान के लिए पिछले 500 साल से लड़ाई लड़ी जा रही थी लेकिन राम मंदिर के लिए हमेशा अयोध्या और अवध के लोग ही लड़ते थे। जब पूरे देश का हिंदू एकजुट हो गया और लाखों की तादाद में कर सेवक अयोध्या पहुंच गए तब मंदिर बना। इस दौरान तोगड़िया ने हिंदू हेल्पलाइन की जानकारी मौजूद लोगों को दी। उन्होंने कहा के सभी हिंदू एक दूसरे की मदद करें। तभी हिंदू स्वाभिमान और सम्मान से रह सकता है। उन्होंने इस मौके पर कुछ संकल्प भी दिलाए।


