उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक ऐसा मामला देखने को मिला।जो इंसानियत को शर्मसार करने वाला है।जहां एक दसवीं क्लास की छात्रा बिन बिहारी मां बन गई।प्रेमी ने छात्रा को बिना शादी के मां बनाकर छोड़ दिया।वही कुंवारी मां बनी छात्रा ने जिला अस्पताल की शौचालय में बच्ची को जन्म दे दिया।वहीं जन्म के दौरान पैदा हुई नवजात बच्ची।शौचालय की सीट में फंस गई तो वहां मौजूद छात्र और उसकी मां नवजात को छोड़कर भागने लगी।लेकिन अस्पताल स्टाफ की नजर उन पर पड़ गई।तो अस्पताल स्टाफ में छात्र और उसकी नवजात बच्ची को महिला जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया।महिला अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने दोनों का उपचार किया।जिसके बाद अब वह दोनों वहीं इस पूरे मामले में मिली जानकारी के अनुसार।छात्र हाथरस जिले के मथुरा रोड स्थित है गांव की रहने वाली बताई जा रही है।छात्र की ननिहाल मथुरा जिले के एक गांव में जहां रहकर छात्र दसवीं की पढ़ाई कर रही थी।दीपावली के त्योहार पर छात्र अपने घर आई हुई थी।जहां उसकी पेट दर्द की शिकायत होने लगी तो उसकी तबीयत बिगड़ने लगी परिजन छात्रा को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आए।छात्र सोच के लिए शौचालय गई तो उसने नवजात बच्ची को वहीं पर जन्म दे दिया।लेकिन नवजात बच्ची शौचालय की सीट में फस गई।जिसकी जानकारी होने पर डॉक्टर और स्टाफ में हड़कंप मच गया। आनंद पालन में दोनों को महिला अस्पताल में भर्ती कराया गय।वहीं नवजात बच्ची को न्यू बोर्न बेबी केयर वार्ड में भर्ती कराया गया है।वही इस पूरे मामले में छात्र की मां ने बताया कि ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रही थी।वहीं इसकी एक युवक से नजदीकी संबंध बन गए थे।उससे पता नहीं चला कि वह कब गर्भवती हो।गई उसकी अभी शादी नहीं हुई है।बिन बिहारी मां बन गई है।हम इस बच्ची को पालना नहीं चाहते हैं।कोई भी इस बच्ची को ले ले वही कोशिश यही है।कि उनकी बेटी के जिस संबंध है उसी से शादी हो जाए मेरी बेटी 9 साल की उम्र से अपने ननिहाल में रहकर 10 की पढ़ाई कर रही है।और जिस युवक से नजदीकी संबंध है वह भी 11वीं की पढ़ाई कर रहा है। मैं अपनी बेटी का अंतिम समय तक साथ दूंगी। इसके बारे में युवक को जानकारी देने का प्रयास किया गया है।लेकिन वह फोन नहीं उठा रहा है।वहीं अगर बात करें तो इस तरह की मामले अक्सर देखने को मिल जाते हैं कितना भी लोगों को जागरुक कर ले


