हाथरस, 2 मिनट की देरी बनी बड़ी मुसीबत, TET परीक्षा से वंचित हुए परीक्षार्थी, डॉक्टर और फार्मासिस्ट भी नहीं कर सके प्रवेश

हाथरस के बागला डिग्री कॉलेज स्थित टीईटी (TET) परीक्षा केंद्र पर उस समय भावुक माहौल बन गया, जब दूसरी पाली की परीक्षा देने पहुंचे करीब एक दर्जन छात्र-छात्राओं को मात्र दो मिनट की देरी के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। परीक्षा केंद्र के बाहर कई छात्राएं रोती-बिलखती नजर आईं और लगातार अधिकारियों से अंदर जाने की गुहार लगाती रहीं, लेकिन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और परीक्षा कर्मियों ने परीक्षा के निर्धारित नियमों का हवाला देते हुए किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी।

परीक्षार्थियों का कहना था कि वे समय पर पहुंचने का पूरा प्रयास कर रहे थे, लेकिन मामूली देरी के कारण उनका पूरा वर्ष प्रभावित हो गया। अभ्यर्थियों ने नियमों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की, लेकिन उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ। परीक्षा केंद्र के बाहर काफी देर तक अफरा-तफरी और मायूसी का माहौल बना रहा।

हैरानी की बात यह रही कि परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी के लिए तैनात डॉक्टर और फार्मासिस्ट भी दो मिनट की देरी से पहुंचने पर अंदर प्रवेश नहीं कर सके। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि परीक्षा के दौरान किसी परीक्षार्थी की अचानक तबीयत बिगड़ जाती, तो तत्काल चिकित्सा सुविधा कौन उपलब्ध कराता और उसकी जिम्मेदारी किसकी होती?

हालांकि परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि शासन और परीक्षा नियामक संस्था के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी या कर्मचारी को प्रवेश नहीं दिया जा सकता। सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन नियमों का सख्ती से पालन किया जाता है।

फिलहाल दो मिनट की देरी के कारण परीक्षा से वंचित हुए अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है। वहीं परीक्षा केंद्र पर डॉक्टर और फार्मासिस्ट को भी प्रवेश न मिलने की घटना ने परीक्षा व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाइट — डौली — परीक्षार्थी


