हाथरस हादसाः कोन था जिसन मृत महिलाओं के मंगलसूत्र भी लूट लिए, परिवार ने किया चौंकाने वाला खुलासा
Hathras News: 2 जुलाई को हाथरस के फुलरई मुगलगढ़ी में सूरज पाल उर्फ भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में अधिकांश महिलाएं थीं और उनके शरीर से मंगलसूत्र समेत आभूषण गायब थे। इस घटना ने हाथरस को झकझोर कर रख दिया है। यहां मृतकों से लूट होने की भी चर्चा है।
हाथरसः उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले की कोतवाली सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव फुलरई मुगलगढ़ी के पास 2 जुलाई दिन मंगलवार सत्संग के दौरान मची भगदड़ में करीब 121 लोगो की मौत गई थी। मरने वालो में सबसे अधिक महिलाएं शामिल थी। बताया जा रहा है कि महिलाएं अक्सर सज संवर कर सूरज पाल उर्फ भोलेबाबा के दरबार में सत्संग सुनने जाती थी और उनका सबसे बड़ा गहना मंगलसूत्र होता है। इसी सत्संग में मची भगदड़ में सैकड़ों महिलाओ की मौत हो गई थी। तब महिलाएं अपने कानों में कुंडल, पैरो में पायल, नाक में लॉन्ग, गले में मंगलसूत्र आदि जैसे सोने और चांदी के आभूषण पहनी हुई थीं। वहीं जब उन मृतक महिलाओं के शव पोस्टमार्टम के बाद के परिवार के लोगो को सपुर्द किए गए तो उनके तन पर कोई आभूषण नहीं था।
आखिर हादसे में मारी गई महिलाओं के आभूषण का लुटेरे कौन है, जिसने इतनी बड़ी त्रासदी में भी मृत महिला के आभूषण लूट लिए। अब हाथरस पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में है और उसकी प्रतिष्ठा पर मृतक महिलाओं के परिजन भी सवाल खड़े कर रहे है। आखिर उन आभूषणों का चोर और लुटेरा कौन है?
हाथरस जिले का काल दिवस
मृत महिलाओं के परिजनों का कहना है कि लॉन्ग, कुंडल, तोड़िया और कई चीज होती हैं, जो महिलाएं जो पहनकर सत्संग में जाती हैं। जब पोस्टमार्टम से बॉडी लेकर आए तो उनके तन पर ज्वेलरी नहीं मिली। अब कैसे किसी को इस बात की सूचना देते घर पर कोहराम मचा हुआ था। हमारा घर उजड़ गया। हम अपना घर छोड़कर किसके पास जाते। आखिर किसने इस आपदा को अवसर मानकर मृतक महिलाओं के मंगल सूत्र और अन्य गहने लूट लिए। सत्संग कांड हाथरस के इतिहास में काल दिवस के रूप में जाना जाएंगे।


