हाथरस में आज शाम शिव शक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने कंचन नगर पहुंचकर धरने पर बैठे राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के अध्यक्ष पंकज धवरैया का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस कानून को जल्द से जल्द वापस लेना चाहिए, ताकि समाज में किसी प्रकार का असंतोष न फैले।
उन्होंने कहा कि सनातन समाज हमेशा शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलता है और हिंसा में विश्वास नहीं करता, लेकिन यदि समाज को मजबूर किया गया तो वह अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को बाध्य होगा। उन्होंने आगे कहा कि धरने पर बैठे पंकज धवरैया पिछले कई दिनों से अपने अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं।
यदि उनके साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है या उनकी सुरक्षा में कोई चूक होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें किसी फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने का प्रयास किया गया तो इसका जवाब समाज लोकतांत्रिक तरीके से देगा और आने वाले 2027 के चुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा।
उन्होंने इस मौके पर योगी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जिस तरह से पंकज को पुलिस चारों तरफ से घेर कर बैठी हुई है, क्या यह कोई आतंकवादी है। उन्होंने कहा कि योगी जी समझदारी से काम लीजिए। हमारे जख्मों पर नमक मत छिड़किए। आपका प्रधानमंत्री बनने का सपना ऐसे ही टूट जाएगा।
इतना अत्याचार मत कीजिए। उन्होंने कहा कि जो भी कट्टर हिंदू है, वह इस यूजीसी के काले कानून के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि पंकज धवरैया के साथ कोई घटना हुई तो इसका बदला लिया जाएगा। यह अपने लिए नहीं लड़ रहा पूरे समाज के बच्चों के लिए लड़ रहा है। हम सब इसके साथ हैं।
पंकज बोले धरना रहेगा जारी..
धवरैया ने मांग की है कि प्रशासन उन्हें पदयात्रा की अनुमति दे, या उन्हें प्रधानमंत्री से मिलवाया जाए ताकि वे यूजीसी कानून वापस लेने और एससी-एसटी एक्ट को समाप्त करने की अपनी मांगों को सीधे रख सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा और वह धरना स्थल से नहीं हटेंगे।


