पति के होश उड़े, मामला अदालत पहुंचा, 8 साल बाद आया फैसला, विवाह विच्छेद के आदेश दिए
आगरा। सुहागरात पर जब पति पत्नी से मिला तो उसके होश उड़ गए, शादी की खुशियां गम में बदल गई। उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसा भी हो सकता है । पत्नी किन्नर निकली, मामला अदालत पहुंचा, पति की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने विवाह को शून्य करार दे दिया, साथ ही विवाह विच्छेद के आदेश दिया, मामले की सुनवाई में आठ वर्ष बीत गए, इसके बाद अदालत का फैसला आया। अब पति ने सकून की सांस ली है। परिवार न्यायालय में याचिका प्रस्तुत कर वादी पति ने आरोप लगाया कि उसका विवाह 27 जनवरी 2016 को एक युवती संग हुआ था। विवाह के बाद विपक्षी पत्नी अपने
मायके से विदा होकर ससुराल पहुंची। सुहागरात को पति कमरे में पहुंचा, उसने पत्नी से बातचीत की तब उसे मालुम हुआ कि जिसे वह दुल्हन बना कर लाया है, वह पूर्ण महिला नहीं है। उसके ब्रेस्ट आदि विकसित नहीं थे । पति अपने साथ हुए धोखे से बेहद दुखी था, उसने परिवार की लोकलाज के कारण किसी को नहीं बताया कि पत्नी है।
पूर्ण महिला नहीं है। उसने दुल्हन को कई विशेषज्ञ डॉक्टरों को दिखाया, इलाज कराया किन्तु कोई लाभ नहीं हुआ, इससे वह काफी व्यथित रहा। दुल्हन को कभी महावारी नहीं हुई, आखिर में परेशान हाल पति ने परिवार वाद अदालत में तलाग को याचिका दाखिल की। परिवार न्यायालय में मुकदमा प्रस्तुत करने पर अदालत ने वादी एवं विपक्षी के मध्य हुए विवाह को शून्य घोषित कर विवाह विच्छेद के आदेश पारित किये। अदालत से आठ साल बाद फैसला आने पर अब युवक ने सकून की सांस ली है। परिवार की इज्जत बचाने को युवक ने किसी को नहीं बताया कि पत्नी किन्नर


