छात्रा को नवजात बच्ची के साथ भेजा गया वनस्टॉप सेंटर: अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर बाल-कल्याण समिति के सामने हुई पेश, टॉयलेट में बच्ची को दिया था जन्म
हाथरस जिला अस्पताल के शौचालय में बच्ची को जन्म देने वाली नाबालिग छात्रा और उसकी नवजात बच्ची को बुधवार को महिला अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति ने नाबालिग छात्रा और उसकी नवजात बच्ची को वन स्टॉप सेंटर भेज दिया।
दीपावली के दिन 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा अपनी मां के साथ जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में आई थी और उसने खुद को पेट के दर्द से पीड़ित बताया था। इसी दौरान वह अस्पताल के टॉयलेट में चली गई थी और वहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया था। यह दोनों वहां से बदनामी के डर से खिसक जाना चाहती थी, लेकिन अस्पताल के स्टाफ की इन पर नजर पड़ गई और दोनों को महिला अस्पताल में दाखिल कर दिया। जानकारी करने पर यह बात सामने आई थी कि छात्रा मथुरा के एक गांव में ननिहाल में रहकर हाई स्कूल में पढ़ रही थी और वहां कक्षा 11 के एक छात्र से उसके प्रेम संबंध हो गए।
समिति ने छात्रा से की बात
इसी दौरान में गर्भवती हो गई थी और उसने बच्चे को जन्म दे दिया। जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। आज जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. शैली सिंह ने जिला प्रोबेशन अधिकारी से बातचीत कर एक सामाजिक संस्था की संचालिका ललिता पालीवाल के माध्यम से जच्चा और बच्चा दोनों को तहसील सदर स्थित बाल कल्याण समिति में भिजवाया। समिति के सदस्यों विनोद चौधरी, भानु प्रताप सिंह, मनोज शर्मा, अनुपम शर्मा ने इस नाबालिग छात्रा से बातचीत की। इसके बाद उसे 2 दिन के लिए बच्ची सहित वन स्टॉप सेंटर भेज दिया।
बेटी-नवजात को रखना चाहती है मां
छात्रा की मां का कहना था कि वह अपनी लड़की और उसकी नवजात को अपने साथ रखना चाहती है और इसके लिए प्रयास कर रही है। उसका यह भी कहना था कि अभी तक उसकी उसे लड़के से बातचीत नहीं हुई है। जिसने उसकी बेटी को गर्भवती किया।


